Mann ki Medha

14: बातों की खिचड़ी बनाना या उन्‍हें हज़म कर जाना | क्‍या है बेस्‍ट तरीका

Episode Summary

हम सभी के मन में कुछ न कुछ अच्‍छे और बुरे भाव रहते ही हैं। हर रोज के अनुभव इनमें इजाफा करते हैं। जब ये ओवर फ्लडेड होने लगते हैं, तो हम उसे दूसरों के साथ बांटते हैं। पर चाहते हैं कि वह इसे अपने तक ही रखे। पर क्‍या ऐसा सचमुच होता है? डॉ. मेधावी जैन मन की मेधा के इस एपिसोड में कर्म सिद्धांत के आधार पर आंक रहीं हैं क्‍या है सबसे बेहतर तरीका। 

Episode Notes

हम सभी के मन में कुछ न कुछ अच्‍छे और बुरे भाव रहते ही हैं। हर रोज के अनुभव इनमें इजाफा करते हैं। जब ये ओवर फ्लडेड होने लगते हैं, तो हम उसे दूसरों के साथ बांटते हैं। पर चाहते हैं कि वह इसे अपने तक ही रखे। पर क्‍या ऐसा सचमुच होता है? डॉ. मेधावी जैन मन की मेधा के इस एपिसोड में कर्म सिद्धांत के आधार पर आंक रहीं हैं क्‍या है सबसे बेहतर तरीका।