Mann ki Medha

मन की मेधा S-2, Ep- 2 | क्या अनुभव के साथ सत्यता की परिभाषा भी बदल जाती है?

Episode Summary

एक उम्र के बाद हम चीजों को अलग नजरिये से देखने लगते हैं, जबकि चीजें वही रहती हैं। फिर चाहें वह आपका खानपान हो या त्यौहारों को मनाने का आपका तरीका। ऐसा क्यों होता है? क्या आपने कभी सोचा है? क्या अनुभव और परिस्थितियों के साथ किसी चीज या परिस्थिति को देखने का हमारा दृष्टिकाेण भी बदल जाता है? क्या सत्य भी अलग-अलग तरह का हो सकता है? मन की मेधा सीजन 2 के दूसरे एपिसोड में लाइफ कोच डॉ. मेधावी जैन इन्हीं सवालों के जवाब देने की कोशिश कर रहीं हैं।